‘हमारी सरकार बनते ही वक्फ बिल को कूड़ेदान में डाल देंगे’, बोले तेजस्वी यादव – Tejashwi Yadav says our government is formed we will throw Waqf Bill in dustbin ntc
वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पास हो चुका है. लेकिन विपक्षी दल इस बिल का खुलकर विरोध कर रहे हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि हम सरकार बनाएंगे और इसे (वक्फ संशोधन विधेयक) कूड़ेदान में फेंक देंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव तक नीतीश कुमार को अपने साथ रखेगी. उसके बाद उनका क्या होगा, यह हम और बिहार की जनता अच्छी तरह जानती है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा के लोग शत प्रतिशत संविधान विरोधी हैं. वे लोग हमेशा विभिन्न वर्गों को निशाना बनाते हुए संविधान पर कुठाराघात करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि वक्फ़ संशोधन बिल संविधान विरोधी है. समय-समय पर भाजपा की सरकार इस तरह के प्रयास करती है, जिससे लोगों का ध्यान उनके वास्तविक मुद्दों… जैसे गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की दुर्गति से हटे और ध्रुवीकरण के खेल में NDA वाले कामयाब हो सकें.
तेजस्वी का बीजेपी पर निशाना
तेजस्वी यादव ने कहा कि मैं दलित हिंदू और पिछड़े, अतिपिछड़े, आदिवासी और प्रगतिशील हिंदू भाइयों से कहना चाहता हूं कि यह दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षणिक और धार्मिक रूप से मुख्य धारा से दूर करने का RSS और BJP का दीर्घकालिक प्रोजेक्ट है. ये शातिर लोग मुसलमान के नाम पर, मुसलमान के साथ-साथ मंडल वाले हिंदुओं का अहित और नुक़सान करना चाहते हैं, मुसलमान ही नहीं, इनका असल निशाना दलित-पिछड़ा भी हैं.
तेजस्वी ने कहा कि ये दलित और पिछड़े-अति पिछड़े हिंदुओं का 65% आरक्षण क्यों रोके हुए है? ये (बीजेपी) दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े और आदिवासी हिंदुओं की गणना क्यों नहीं कराना चाहते? उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ये डबल इंजन की सरकार धार्मिक न्यास बोर्ड, बड़े मंदिरों के ट्रस्ट इत्यादि में दलित-पिछड़े और आदिवासी हिंदुओं को बराबर की जगह क्यों नहीं देना चाहती?
वक्फ पर जेडीयू में खींचतान!
बता दें कि वक्फ बिल पर दोनों सदनों से मुहर लगने के बाद विभिन्न पार्टियों का अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है. इसमें जेडीयू भी शामिल है. दरअसल, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू ने संसद में वक्फ बिल का समर्थन किया था, लेकिन इससे पार्टी के मुस्लिम नेता नाराज नजर आ रहे हैं. जेडीयू के 5 नेता पार्टी छोड़ चुके हैं.
कांग्रेस और AIMIM ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
वहीं, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इस पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि ये विधेयक संविधान के अनुच्छेद 15, 25, 26 और 29 का उल्लंघन करता है. जमीन (वक्फ संपत्तियां) दरगाहों और मस्जिदों के लिए हैं और इसे ‘खाली जमीन’ कहना भ्रामक है. इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाना वैध है और लोग कानूनी रूप से इस लड़ाई के लिए आगे आएंगे.
बीजेडी सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग
बीजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रताप जेना ने बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक को पत्र लिखकर राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उन्होंने वक्फ विधेयक के पक्ष में वोट देने का हवाला दिया है.